प्रणम्यसागर जी (Pranamyasagar Ji) श्री वर्धमान -स्त्रोतम (Shri Vardhaman -Strotam) - 1st - उज्जैन (म.प्र.) आचार्य अकलंकदेव जैन विद्या शोधालय समिति 2018 - 158p. ISBN: 9788193929810